← सभी गाइड्स

💛 मॉम की केयर · 0 से 12 महीने

🌙 पीरियड्स की वापसी और इंटिमेसी की नई शुरुआत

बच्चे के आने के बाद रिलेशनशिप में एक बड़ा बदलाव आता है। थकान, हार्मोन्स, पीरियड्स की वापसी और बदले हुए शरीर के साथ तालमेल बिठाने के चक्कर में तुम्हारी और उसकी, दोनों की सेक्स ड्राइव पर पॉज लग सकता है। शुरुआती 12 महीनों में मनमुटाव से बचने के लिए थोड़ी एम्पैथी दिखाओ, खुलकर बात करो और सेक्स को लेकर बिल्कुल भी दबाव मत बनाओ।

जो बातें तुम्हें पता होनी चाहिए

  • डिलीवरी के बाद पहला पीरियड आमतौर पर 6 से 8 हफ़्तों में आ जाता है अगर वो ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा रही है। अगर वो सिर्फ़ ब्रेस्टफीडिंग करा रही है, तो इसमें कई महीने भी लग सकते हैं।
  • ब्रेस्टफीडिंग कोई पक्का गर्भनिरोधक (कंट्रासेप्शन) नहीं है: पहले पीरियड से पहले भी ओव्यूलेशन हो सकता है। अगर दूसरा बेबी अभी तुम्हारी प्लानिंग में नहीं है, तो दोबारा इंटीमेट होने से पहले कंट्रासेप्शन पर बात कर लो।
  • उसके शरीर में एस्ट्रोजन का गिरता लेवल, ब्रेस्टफीडिंग हार्मोन प्रोलैक्टिन, वजाइनल ड्राइनेस और दिनभर बच्चे को गोद में रखने के बाद 'टच्ड आउट' महसूस होना, उसकी सेक्शुअल डिज़ायर को कम कर सकता है।
  • नींद की कमी और तनाव का असर तुम पर भी पड़ता है। इंटीमेसी में यह ठहराव बिल्कुल नॉर्मल है और इसके पीछे शारीरिक व मानसिक वजहें हैं, इसका मतलब यह कतई नहीं कि तुम्हारे रिश्ते में कोई दरार आ गई है।

झगड़े कम करने के लिए तुम्हारा टीम प्लान

  1. 1. प्यार और सेक्स को अलग रखो

    गले लगाना, हल्की मालिश, साथ बैठकर रिलैक्स करना: बिना किसी उम्मीद या आगे बढ़ने के दबाव के। प्यार भरी झप्पी में सुकून महसूस होना चाहिए, यह सोचकर टेंशन नहीं कि अब आगे क्या होगा।

  2. 2. उसे थोड़ा मेंटल स्पेस दो

    थकान रोमांस को पूरी तरह खत्म कर देती है। घर की ज़िम्मेदारियां और रात की ड्यूटी आपस में बराबर बांटो: दिमाग पर बोझ कम होगा, तो तुम दोनों के लिए करीब आने की जगह बनेगी।

  3. 3. अपनी बात खुलकर बोलो

    'मैं आज रात बहुत थक गया हूं, मुझे 30 मिनट की शांति चाहिए।' जो महसूस हो रहा है उसे साफ़-साफ़ कह देने से दोनों तरफ ग़लतफ़हमियां और चिड़चिड़ाहट जमा नहीं होती।

  4. 4. अपनी गति से दोबारा शुरुआत करो

    इसकी कोई डेडलाइन नहीं है। डिलीवरी के लगभग 6 हफ़्ते बाद होने वाले पोस्टनेटल चेकअप में रिकवरी और पेल्विक फ्लोर की जांच होती है। डिलीवरी के बाद हार्मोन्स के असर को देखते हुए वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट का इस्तेमाल अक्सर बहुत ज़रूरी हो जाता है।

  5. 5. डैड हैक

    कैलेंडर देखना छोड़ दो। शुरुआती कुछ महीने पुराने रिश्ते को दोहराने के बजाय तीन लोगों की फ़ैमिली के तौर पर एक नया जुड़ाव बनाने के बारे में हैं। किसी और से तुलना किए बिना, धीरे-धीरे आगे बढ़ो।

अक्सर होने वाली ग़लतियां

  • ❌ हफ़्ते गिनते रहना '6 हफ़्ते हो गए, तो कायदे से हम...': चेकअप सिर्फ़ मेडिकल मंज़ूरी देता है, तुरंत शुरू हो जाने की कोई जबरदस्ती नहीं।
  • ❌ इसे दिल पर ले लेना बच्चे के बाद डिज़ायर में कमी का मतलब यह नहीं कि वो तुम्हें रिजेक्ट कर रही है। यह सिर्फ़ बायोलॉजी और दिनभर की थकान का असर है।

अगला पढ़ें

यह गाइड डॉक्टरी सलाह की जगह नहीं ले सकती। किसी भी शक या परेशानी में अपने डॉक्टर से बात करें या इमरजेंसी में 112 (एम्बुलेंस 108) पर कॉल करें।